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सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने के नाम पर गड़बड़झाला होने की आशंका !जिला खनिज न्याय निधी में निजी फर्म की मनमानी दबाव बना लिया कार्य आदेश !


कोरिया। गांव के गली मोहल्ले को सौर ऊर्जा के जरिए रोशन करने के लिए सरकार ने गांवों में सोलर लाइटें लगाने का निर्णय लिया लेकिन यह योजना भी  कमीशन खोरी की भेंट चढ़ने लगे है।कार्य ग्राम पंचायत में  एजेंसी सूरजपुर   जिले की   किंतु ठेकेदार जुगाड़  से जिससे लाइटों में खराबी आने पर इसकी जवाबदेही कौंन होगा यह निर्माण एजेंसी बता पाने में समर्थ नही जिससे अब  जिला खनिज न्यास निधी योजना भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ने की संभावना है।क्यो की जिले में पूर्व में जिला खनिज न्यास योजना से बी आर लाईट मशीनरी विभाग के देखरेख में  लाइटों में घटिया किस्म के सामान लगाए गए  हैं। जहा लाइट कुछ घंटे जलने के बाद बंद हो जाती हैं। जिन्हें निर्माण एजेंसी में शिकायत् के बाद भी आज तक नही बनाया गया जो कि पूर्व में विधायक निधि से स्वीकृति कर ग्राम पंचायत में कार्य संभवत इसी एजेंसी से कराया गया था जिससे एक बार इसकी ऊची कीमत व गुडवत्ता को लेकर सवाल उठना लाजमी हैं ! मिली जानकारी अनुसार कोरिया जिला मुख्यालय के ओड़गी ग्राम पंचायत में झुमका पर्यटन को रोशनी से जगमगाने ऊंचे दामो पर सक्षम अधिकारी के तकनीकी स्वीकृति के आधार पर निम्नलिखित अनुशंसित कार्यों की जिला खनिज न्यास से प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है जहा कोरिया जिले के बैकुंठपुर विकासखंड में लगभग लाखो रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई हैं जहा निर्माण एजेंस ग्राम पंचायतों को न बनाकर बी आर लाईट मशीनरी विभाग को बनाया गया हैं जब कि जानकारों का मानना है कि सौर ऊर्जा उपकरण लगाने इस निर्माण विभाग को एजेंसी बनाना उचित नही। कोरिया जिले में जिला खनिज न्यास निधी की राशि से स्वीकृत कार्यो में एक बार फिर बड़ा गड़बड़झाला सामने आया है। जहा जिला प्रशासन ने बी आर लाईट मशीनरी विभाग को निर्माण एजेंसी बनाकर इतिहास रच दिया जब कि  क्रेडा विभाग के अधिकारियों का ही मानना है कि इस विभाग  को निर्माण एजेंसी नही बनाया जा सकता ऐसे में निर्माण एजेंसी बनाने व मरम्मत को लेकर भी सवाल उठना लाजमी हैं। वही जिले के बाहर  के एक ही फर्म से जिलों में बिना निविदा व कोटेशन कार्य आदेश जारी होने व कार्य से पहले ही  एक अंजान ठेकेदार को 30 हजार की लागत की एक सामग्री का 66 हजार के करीब के सामग्री का बता कार्य देना  ग्राम पंचायतों में सोलर लाइट लगाने में भारी अनियमितता की सुगबुगाहट है। जबकि बिजली की बचत करने और सौर ऊर्जा से गांवों को रोशन करने के लिए सरकार ने ग्राम पंचायतों में सोलर लाइटें लगाने की योजना बनाई है। जिला खनिज  निधि से पैसे दे रहे लेकिन फिलहाल, यह योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है। एक तो अधिकारी जिला खनिज  मद से राशि देते हैं फिर अपने चहेतों ठेकेदारों को काम दिलाते हैं। साथ ही लाइटों में  दूसरे दर्जे के सामान का प्रयोग किया जाता है। इस कारण सोलर लाइटें शोपीस बनकर रह जाती हैं। जो बाद में  कमीशन के चक्कर में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ने लगी है। जिसमें गुणवत्ता न के बराबर है। वही जिस हिसाब से इन खम्बो को दूरी पर लगाया जा रहा उसकी भी आवश्यकता नही है फिर में कमीशन की मिठास में अधिकारियों के द्वारा कार्य की स्वीकृति को लेकर संदेह होना स्वाभाविक हैं ।

सूरजपुर की एक संस्था को ही कार्य आदेश क्यों -

मिली जानकारी अनुसार कोरिया  जिले में जिला खनिज न्यास मद से एक अधिकारी  के अनुसंशा से गाँव के सड़को को रोशन करने सोलर स्ट्रीट लाइट की स्वीकृति दी गई किंतु कोरिया जिले के ओड़गी  ग्राम पंचायत में क्रेडा विभाग को  छोड़ जिले से करीब 50 किमी दूर एक ही संस्था को लाइट  लगाने का  कार्य आदेश दी गई यह किसी चमत्कार से कम नही ।वही निर्माण विभाग ग्राम पंचायत को जानकारी देना भी उचित नही समझते जिससे  अधिकारी की भूमिका को लेकर भी सवाल उठना लाजमी हैं ।

जिन्हें उखाड़ा उन्हें ही यहां लगाया आखिर क्यों -

जानकारी अनुसार इन खंबो को पूर्व में कलेक्टर रोड के मुख्य सड़कों पर लगाया जा रहा था जहाँ स्थानीय विधायक के हस्तक्षेप व लागत के विरोध के बावजूद लगे खंबो को लगा कर पुनः निकाल दिया गया अब इन्हीं खम्बो को पुनः रंग रोगन कर 66 हजार की दर से एक खंबो को यहाँ लगाना व कार्य करना क्या मजबूरी है इस संबंध में कोई भी जिम्मेदार अधिकारी कुछ भी कहने से बचते नजर आये वही ग्राम पंचायत सचिव ने बताया कि उन्हें इस कार्य के संबंध में जानकारी नही की कार्य की स्वीकृति कब हुई व किस विभाग द्वारा कराया जा रहा इस संबंध में जिला अधिकारी ही जानकारी उपलब्ध करा पायेंगे ।

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