Ticker

6/recent/ticker-posts

कोरिया में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ का शंखनाद: गांधी पार्क में कांग्रेसियों का उपवास सत्याग्रह



कोरिया। ग्रामीण भारत की जीवनरेखा माने जाने वाले मनरेगा कानून पर मंडराते संकट के खिलाफ आज कोरिया जिला मुख्यालय गूंज उठा। जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा बैकुंठपुर के गांधी पार्क में 'मनरेगा बचाओ संग्राम' के तहत एक दिवसीय उपवास सत्याग्रह एवं प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया गया। इस आंदोलन का नेतृत्व जिला प्रभारी व पूर्व विधायक गुलाब कमरो एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने किया। गरीबों के हक पर 'प्रहार' है नया ढांचा: पूर्व विधायक गुलाब कमरो धरने को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "मनरेगा कोई सरकारी खैरात नहीं, बल्कि यूपीए सरकार द्वारा दिया गया गरीबों का संवैधानिक अधिकार है। केंद्र सरकार ने फंडिंग पैटर्न बदलकर और राज्यों पर 40% वित्तीय बोझ डालकर इस योजना को कमजोर बनाने की सोची-समझी साजिश रची है। यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को ध्वस्त करने और मजदूरों के पेट पर लात मारने जैसा है।"

पंचायती राज को कमजोर करने का आरोप

जिला अध्यक्ष ने कहा कि मनरेगा की मूल भावना इसकी 'वैधानिक गारंटी' है, जिसे वर्तमान सरकार खत्म करना चाहती है। निर्णय प्रक्रिया का केंद्रीकरण कर ग्राम सभाओं और पंचायतों की शक्ति छीनी जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने और बजट कटौती की कोशिशें बंद नहीं हुईं, तो ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी और पलायन का भयावह मंजर देखने को मिलेगा। सत्याग्रह के माध्यम से कांग्रेस ने अपनी चार सूत्रीय चट्टानी मांगें दोहराई हैं, मजदूरी वृद्धि: बढ़ती महंगाई को देखते हुए न्यूनतम वेतन तत्काल 400 रुपये किया जाए। गारंटी की बहाली: काम, मजदूरी और जवाबदेही की संवैधानिक गारंटी को अक्षुण्ण रखा जाए। बदलावों की वापसी: 60:40 के नए वित्तीय ढांचे को रद्द कर पुराना स्वरूप बहाल हो। अधिकारों की सुरक्षा: पंचायतों को निर्णय लेने की पूर्ण स्वतंत्रता दी जाए। कोषाध्यक्ष अशोक जायसवाल, वरिष्ठ कांग्रेसी मुख्तार अहमद बंस गोपाल, ब्लॉक अध्यक्ष सुरेश सिंह, राजीव गुप्ता, बिहारी लाल राजवाड़े, शैलेन्द्र सिंह, हेमसागर यादव, विकाश श्रीवास्तव, धीरज सिंह, सुमन डूबे ,आशीष डबरे, देव नारायण यादव, संतोष गोयन, यशपाल सिंह, फ़ारोग सिद्दीकी, सत्यनारायण मोदी एवं अनेकों कांग्रेसजन एक दिवसीय उपवास सत्याग्रह में उपस्थित रहे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ