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नगर पालिका कार्यालय के नीचे बना सार्वजनिक शौचालय बदहाली का शिकार, सफाई व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल


बैकुण्ठपुर। नगर पालिका कार्यालय के नीचे बने सार्वजनिक शौचालय की हालत बेहद खराब बनी हुई है। यहां सफाई व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे दिखाई दे रही है। हाल ही में एक युवक जब शौचालय का उपयोग करने पहुंचा, तो वहां गंदगी का ऐसा आलम देखने को मिला कि अंदर जाना भी मुश्किल हो गया। फर्श पर फैली गंदगी, बदबू और अव्यवस्था ने नगर पालिका की स्वच्छता व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। सबसे हैरानी की बात यह है कि जब नगर पालिका कार्यालय के ठीक नीचे स्थित शौचालय की यह स्थिति है, तो शहर के अन्य सार्वजनिक शौचालयों की हालत का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है।बैकुण्ठपुर नगर पालिका क्षेत्र में लगभग 20 वार्ड हैं और नगर पालिका में 100 से अधिक सफाई कर्मचारी पदस्थ हैं। यदि प्रत्येक वार्ड में प्रतिदिन चार सफाई कर्मचारियों को भी तैनात किया जाए, तो न केवल वार्डों बल्कि नगर पालिका कार्यालय और सार्वजनिक शौचालयों की सफाई व्यवस्था बेहतर की जा सकती है। इसके बावजूद नगर पालिका कार्यालय परिसर और सार्वजनिक शौचालयों की यह दुर्दशा कई सवाल खड़े करती है। सूत्रों की मानें तो नगर पालिका में आधे से अधिक सफाई कर्मचारी “सेटिंग” के सहारे कार्यरत हैं। इसी कारण कई कर्मचारी नियमित रूप से अपने कार्यस्थल पर उपस्थित नहीं रहते, जिससे सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। शौचालयों की नियमित सफाई न होने से आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर पालिका को सबसे पहले अपने कार्यालय परिसर और उससे जुड़े सार्वजनिक शौचालयों की सफाई पर ध्यान देना चाहिए। यदि जिम्मेदार अधिकारी इस ओर गंभीरता नहीं दिखाते हैं, तो स्वच्छता अभियान केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएगा। अब देखने वाली बात यह होगी कि नगर पालिका प्रशासन इस बदहाल सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए कब ठोस कदम उठाता है।

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