बैकुण्ठपुर। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 20 जनवरी 2025 को एक किसान धान लेकर धौराटिकरा धान खरीदी केंद्र पहुंचा था। किसान के पास धान विक्रय के लिए वैध टोकन पहले से जारी था, लेकिन खरीदी के दौरान यह कहकर उसका धान रिजेक्ट कर दिया गया कि धान पुराना है। किसान उस समय असमंजस की स्थिति में पड़ गया, लेकिन बाद में जब स्थिति स्पष्ट हुई तो सामने आया कि उसी किसान के टोकन में पूरा धान खरीद लिया गया। इस घटना ने धौराटिकरा धान खरीदी केंद्र में चल रही अनियमितताओं की परतें खोल दी हैं। स्थानीय किसानों का कहना है कि यह कोई एक-दो दिन की बात नहीं है, बल्कि लंबे समय से इस केंद्र में नियमों को ताक पर रखकर धान खरीदी की जा रही है। सूत्रों का दावा है कि जिस कर्मचारी को पहले ही बर्खास्त किया जा चुका है, वही खुलेआम धान खरीदी की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। हैरानी की बात यह है कि सहायक नोडल अधिकारी, जिला विपणन अधिकारी और जिला सहकारी विभाग के अधिकारी केंद्र में मौजूद रहते हैं, इसके बावजूद किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाती। इससे यह आशंका गहराती जा रही है कि पूरे मामले में अधिकारियों का मौन संरक्षण प्राप्त है। किसानों ने आरोप लगाया है कि धौराटिकरा धान खरीदी केंद्र में प्रति बोरी लगभग 400 ग्राम धान की खुलेआम चोरी की जा रही है। इसी 400 ग्राम की कटौती को आधार बनाकर तथाकथित “एडजस्टमेंट” का खेल खेला जा रहा है। किसानों का कहना है कि जब सैकड़ों बोरियों में इस तरह की कटौती की जाती है तो कुल मिलाकर बड़ी मात्रा में धान का गबन होता है। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा, जिससे किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। मामला केवल किसानों तक ही सीमित नहीं है। धान खरीदी में लगे हमालों की स्थिति भी बेहद चिंताजनक है। नियमों के अनुसार हमालों को प्रति सप्ताह मजदूरी का भुगतान किया जाना चाहिए, लेकिन यहां महीनों से भुगतान नहीं किया गया है। जब इस विषय में सहायक नोडल अधिकारी से चर्चा की गई तो उनका कहना था कि जामपारा सहित अन्य समितियों में भी अभी हमालों को भुगतान नहीं हुआ है, इसलिए यहां भी नहीं दिया जा रहा। यह बयान नियमों की खुली अवहेलना को दर्शाता है। धान खरीदी केंद्र में व्याप्त इन अनियमितताओं के कारण किसान और हमाल दोनों ही आर्थिक व मानसिक रूप से परेशान हैं। यदि समय रहते प्रशासन ने निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की, तो हालात और भी गंभीर हो सकते हैं। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाता है या फिर धौराटिकरा धान खरीदी केंद्र में अनियमितताओं और 400 ग्राम प्रति बोरी चोरी का यह खेल यूं ही चलता रहेगा।

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