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रबी सीजन गुजर गया, खाद-बीज नहीं मिला: जमापारा समिति की लापरवाही से किसान बेहाल


बैकुण्ठपुर। जमापारा रबी फसल का पूरा समय बीत जाने के बावजूद जमापारा सेवा सहकारी समिति द्वारा किसानों को खाद एवं बीज का समुचित वितरण नहीं किया गया, जिससे क्षेत्र के किसान गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। शासन की योजनाओं के अंतर्गत उपलब्ध कराए गए संसाधन कागजों तक सीमित रह गए और किसान लाभ से वंचित रह गए। जानकारी के अनुसार समिति को रबी फसल हेतु गेहूं बीज की कुल 60 क्विंटल आपूर्ति हुई थी, लेकिन हैरानी की बात यह है कि एक क्विंटल बीज का भी वितरण किसानों को नहीं किया गया। रबी सीजन निकल जाने के कारण अब किसान गेहूं की बुवाई नहीं कर पाए, जिससे उनकी आय पर सीधा असर पड़ा है। किसानों का कहना है कि समय पर बीज मिलता तो वे अपनी खेती कर सकते थे, लेकिन समिति की उदासीनता ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। खाद वितरण की स्थिति भी बेहद खराब रही। समिति द्वारा मात्र एक ही किसान को एक बोरी यूरिया और एक बोरी एनपीके खाद दी गई, जबकि दर्जनों किसान खाद के लिए भटकते रहे। किसानों ने आरोप लगाया कि समिति प्रबंधन ने न तो समय पर सूचना दी और न ही वितरण की कोई पारदर्शी व्यवस्था बनाई। किसानों का सवाल है कि जब समिति होते हुए भी उन्हें खाद-बीज नहीं मिला, तो समिति से जुड़ने का क्या लाभ? शासन की किसान हितैषी योजनाओं का लाभ समय पर न मिल पाने से किसान आर्थिक नुकसान झेलने को मजबूर हैं। कई किसानों ने कर्ज लेकर खेती की तैयारी की थी, लेकिन खाद-बीज न मिलने से उनकी योजनाएं अधर में लटक गईं। स्थानीय किसानों ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों एवं समिति प्रबंधन की लापरवाही तय कर कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसानों के साथ इस तरह की अनदेखी न हो। रबी फसल का मौका चूकने के बाद अब किसान शासन और प्रशासन की ओर टकटकी लगाए हुए हैं कि उन्हें न्याय कब मिलेगा।

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