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हड़ताल के तृतीय दिवस कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन की शक्ति प्रदर्शन, विशाल बाइक रैली निकालकर सौंपा ज्ञापन


बैकुण्ठपुर। कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन का तीन दिवसीय आंदोलन तृतीय दिवस और अधिक उग्र व संगठित रूप में सामने आया। “नई साहिबो, मोदी के गारंटी लेके रहिबो” जैसे जोशीले नारों के साथ कर्मचारियों व अधिकारियों ने पूरे उत्साह से धरना-प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का संचालन सुरेश एक्का ने किया। प्रेमाबाग में धरने के बाद फेडरेशन के बैनर तले विशाल बाइक रैली निकाली गई, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई कलेक्टोरेट पहुंची।


रैली के पश्चात फेडरेशन ने मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन कलेक्टर कोरिया को सौंपा। हड़ताल के तीसरे दिन भी जिले के लगभग 65 विभागों में ताला बंदी रही, जिससे शासकीय कामकाज पूरी तरह ठप रहा। इस दौरान जिला एमसीबी में हड़ताली कर्मचारियों के निलंबन की कड़ी निंदा करते हुए प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रांतीय उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह एवं जिला संयोजक आर.एस. चंदे ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण हड़ताल करना प्रत्येक कर्मचारी का मौलिक अधिकार है। शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान एमसीबी जिले में तीन कर्मचारियों का निलंबन अलोकतांत्रिक एवं संविधान विरोधी है। ऐसे दमनात्मक कदमों से कर्मचारियों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। महासचिव विश्वास भगत ने एकजुटता पर बल देते हुए कहा कि जब तक संगठन एकजुट और संगठित है, तब तक आंदोलन अटूट रहेगा। मंच से संगठन सचिव ने प्रेरणादायक प्रसंग सुनाते हुए कहा कि संघर्ष भले छोटा लगे, लेकिन इतिहास में वही दर्ज होता है जो प्रयास करता है। कवि भूपसाय मरकाम ने कविता के माध्यम से सोई हुई शासन व्यवस्था को जगाने का आह्वान किया। फेडरेशन ने दो टूक कहा कि शासन कर्मचारियों के साथ वादाखिलाफी कर रही है। महंगाई भत्ता कर्मचारियों का अधिकार है, जिसे बिना मांगे दिया जाना चाहिए, लेकिन आज डीए के लिए भी सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। अब अन्याय नहीं सहेंगे—कर्मचारी जाग चुका है।

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