धमतरी। जिले के रुद्री थाना क्षेत्र अंतर्गत सोरम गांव में फर्जी एसीबी अधिकारी बनकर घर में रेड करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। प्रार्थी महावीर साहू की शिकायत पर पुलिस ने तीन युवकों के खिलाफ गंभीर अपराध दर्ज किया है। आरोप है कि ये लोग खुद को एसीबी टीम का अधिकारी बताकर उसके घर पहुंचे और जांच के नाम पर 8 मोबाइल फोन व एक लैपटॉप जब्त करने का झांसा देकर साथ ले गए। घटना का पूरा वीडियो सीसीटीवी में कैद हो गया, जिसके आधार पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। रुद्री पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में धमतरी जिले के विश्व हिंदू परिषद–बजरंग दल के जिला मंत्री रामचंद देवांगन और कोरिया जिले के हिंदू संगठन से जुड़े नागेंद्र पटेल का नाम सामने आया है। वहीं घटना में शामिल कोरिया भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिला अध्यक्ष हितेश सिंह फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश पुलिस लगातार कर रही है। पुलिस ने प्रकरण को फर्जी अधिकारी बनकर ठगी व लूट की गंभीर धाराओं के तहत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक यह अत्यंत संगठित ढंग से की गई आपराधिक वारदात है, जिसमें आरोपी सरकारी विभाग का फर्जी अधिकारी बनकर लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे थे। यह प्रकरण इसलिए भी विशेष रूप से चर्चा में है क्योंकि पहली बार किसी राष्ट्रीय संगठन के युवा मोर्चा के जिला स्तर के पदाधिकारी पर इस तरह की आपराधिक गतिविधि में शामिल होने का आरोप लगा है। कोरिया जिले के भाजयुमो जिला अध्यक्ष हितेश प्रताप सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इससे पहले भी पूर्व भाजयुमो जिला अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगने के बाद तत्कालीन संगठन ने उनसे इस्तीफा ले लिया था। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वर्तमान मामले में पार्टी हितेश प्रताप सिंह के खिलाफ क्या रुख अपनाती है—क्या पिछली तरह तत्काल कार्रवाई करते हुए पद से हटाया जाएगा या इस बार संगठन उन्हें संरक्षण देता हुआ दिखाई देगा। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और घटना से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।

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