कोरिया। जिले के पटना थाना अंतर्गत ग्राम तेंदुआ स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान में बड़े पैमाने पर खाद्यान्न व्यपवर्तन (डाइवर्जन) का मामला सामने आया है। खाद्य निरीक्षक एवं नायब तहसीलदार की संयुक्त जांच में दुकान के स्टॉक से करीब 10.95 लाख रुपये मूल्य का चावल और नमक गायब पाया गया। मामले में दुकान संचालक रमाशंकर साहू के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
तीन दिन चली जांच में बड़ा खुलासा
जांच टीम ने 24 से 26 नवंबर के बीच दुकान का भौतिक सत्यापन किया। रिपोर्ट के मुताबिक चावल 275.08 क्विंटल कम, मूल्य लगभग 10,86,816 रुपए, नमक 7.73 क्विंटल कम, मूल्य लगभग 8,028 रुपए आंकी गई है। कुल मिलाकर 10,94,845 का खाद्यान्न दुकान स्टॉक में कम पाया गया।
नियमित रूप से दुकान बंद, अंगूठा लगवाकर फर्जी वितरण
जांच में यह भी सामने आया कि विक्रेता रमाशंकर साहू दुकान को नियमित रूप से नहीं खोलते थे और कई हितग्राहियों से बिना अनाज दिए ही अंगूठा लगवाकर वितरण दिखा दिया जाता था। यह सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) नियंत्रण आदेश 2016 की कंडिका 11(5), 11(11), 12(3), 13(1), 13(2) और 15 का गंभीर उल्लंघन पाया गया।
कलेक्टर कार्यालय के निर्देश पर दर्ज हुई एफआईआर
पूरी जांच रिपोर्ट खाद्य निरीक्षक सुश्री अनिता द्वारा प्रस्तुत की गई थी, जिसके आधार पर कलेक्टर कार्यालय ने दुकान संचालक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया। थाना पटना में शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे मामला दर्ज किया गया।
विवेचना प्रधान आरक्षक को सौंपी गई
थाना प्रभारी ने मामले में अपराध पंजीबद्ध करते हुए प्रधान आरक्षक सतेंद्र तिवारी को विवेचना सौंपी है। पुलिस अब खाद्यान्न व्यपवर्तन के पूरे तंत्र की जांच करेगी।

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