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गुणवत्ताहीन निर्माण उजागर, एसडीओ कैमरा देखते ही भागे — स्वास्थ्य मंत्री बोले, पूरे मामले की होगी जांच

 


कोरिया। जिले के बैकुंठपुर तहसील अंतर्गत जमगहना हायर सेकेंडरी स्कूल के नए भवन निर्माण पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। करीब करोड़ों की लागत से निर्मित यह स्कूल भवन विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और सुरक्षित अध्ययन हेतु बनाया गया था, लेकिन वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत दिखाई दे रही है। भवन की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों ने विभागीय कार्यप्रणाली और निरीक्षण व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।


स्थानीय लोगों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति देखने पर पाया गया कि प्लास्टर दीवार से हाथ लगाने पर ही झड़ने लगता है, कई जगहों पर दीवारों में दरारें स्पष्ट नजर आ रही हैं और पूरे निर्माण में फिनिशिंग का घोर अभाव दिखाई दे रहा है। स्कूल भवन को 15 दिन पूर्व ही प्रिंसिपल को हैंडओवर कर दिया गया था, लेकिन इतने कम समय में ही निर्माण की खामियां सामने आने लगी हैं। अधिकारियों का कहना है कि हैंडओवर जल्दबाजी में किया गया और गुणवत्ता जांच की प्रक्रियाओं को नजरअंदाज कर दिया गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जब मीडिया ने लोक निर्माण विभाग बैकुंठपुर के एसडीओ से सवाल पूछने की कोशिश की तो वे जवाब देने के बजाय कैमरा देखते ही वहां से तुरंत निकल गए। विभागीय अधिकारी का इस गंभीर मुद्दे से बचने का रवैया कई संदेहों को जन्म दे रहा है और निर्माण कार्य में मिलीभगत की आशंका को बल दे रहा है। इधर, मामला सार्वजनिक होते ही प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इसे गंभीरता से लेते हुए पूरे प्रकरण की जांच कराने की बात कही है। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और संविदाकार के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।ग्रामीणों, शिक्षकों और अभिभावकों ने भी ठोस कार्यवाही की मांग की है ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भवन उपलब्ध हो सके तथा भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो। स्कूल भवन निर्माण में सामने आई अनियमितताओं की जांच अब किस दिशा में आगे बढ़ती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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