बैकुण्ठपुर। बदलते मौसम और घटते जलस्तर की चुनौती के बीच कोरिया जिला प्रशासन ने जल संरक्षण को लेकर सराहनीय पहल करते हुए एक नई मिसाल कायम की है। “आवा पानी झोकी” अभियान के तहत जिले भर में कुओं और तालाबों के मरम्मत कार्य तेजी से किए जा रहे हैं, ताकि आने वाले समय में नागरिकों को पानी की किल्लत का सामना न करना पड़े। यह अभियान न केवल संरचनात्मक सुधार तक सीमित है, बल्कि लोगों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का भी व्यापक प्रयास किया जा रहा है। जिला प्रशासन की दूरदर्शिता का ही परिणाम है कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में पुराने कुओं एवं तालाबों की सफाई, गहरीकरण और मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। इन जलस्रोतों के पुनर्जीवन से भू-जल स्तर में सुधार होने की उम्मीद है, जिससे गर्मी के मौसम में भी पानी की उपलब्धता बनी रहेगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि हर घर तक पर्याप्त पानी पहुंचे और किसी को भी संकट की स्थिति का सामना न करना पड़े। विशेष उल्लेखनीय है कि जिले में सर्वाधिक सोखता गड्ढे (रिचार्ज पिट) बनाने के लिए जिला प्रशासन को पुरस्कार भी मिल चुका है। सोखता गड्ढों के निर्माण से वर्षा जल सीधे जमीन में समाहित होता है, जिससे जलस्तर बढ़ता है और पानी की बर्बादी रुकती है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। प्रशासन द्वारा लगातार आमजन को पानी बचाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों, बैठकों और जनसंपर्क अभियानों के माध्यम से लोगों से अपील की जा रही है कि वे केवल आवश्यकता अनुसार ही पानी का उपयोग करें। “हर बूंद कीमती है” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। कोरिया जिला प्रशासन की यह पहल दर्शाती है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो तो संसाधनों का सही प्रबंधन संभव है। जल संरक्षण की दिशा में किए जा रहे ये प्रयास निश्चित रूप से आने वाले समय में जिले को जल संकट से बचाने में सहायक सिद्ध होंगे। प्रशासन की सक्रियता और प्रतिबद्धता से जिले में सकारात्मक बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है, जो अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकता है।

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