

कोरिया। नगर क्षेत्र में गौ सेवा का एक सराहनीय उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब गौ रक्षक अनुराग दुबे को जानकारी मिली कि वार्ड क्षेत्र के समीप एक गांव में दुर्घटना का शिकार हुआ गोवंश गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा है। बताया गया कि उक्त गोवंश लगभग 15 दिनों से दर्द और तकलीफ में था, लेकिन उपचार के अभाव में उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। इस संबंध में स्थानीय नागरिक मनोज गुप्ता ने बताया कि घायल गोवंश के उपचार के लिए कई लोगों और संस्थाओं से संपर्क किया गया, लेकिन किसी ने भी आगे आकर मदद नहीं की। अंततः जब यह सूचना गौ सेवक अनुराग दुबे तक पहुंची, तो उन्होंने बिना समय गंवाए नगर पालिका की टीम से समन्वय स्थापित किया। अनुराग दुबे के नेतृत्व में नगर पालिका की टीम ने घायल गोवंश को सुरक्षित तरीके से उठाकर बाल मंदिर प्रांगण पहुंचाया। वहां तत्काल पशु चिकित्सकों की टीम को बुलाया गया, जिन्होंने गोवंश का परीक्षण कर उपचार शुरू किया। डॉक्टरों के अनुसार, गोवंश को पूरी तरह स्वस्थ होने में लगभग दो से तीन माह का समय लग सकता है, लेकिन समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई है। गौ रक्षक अनुराग दुबे ने बताया कि घायल गोवंश की देखरेख वे स्वयं करेंगे और उसके उपचार में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि गौ सेवा केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मानवता का धर्म है। इस मानवीय और संवेदनशील कार्य के लिए शहरभर में अनुराग दुबे की लगातार प्रशंसा की जा रही है। नागरिकों का कहना है कि यदि हर कोई इस तरह संवेदनशीलता दिखाए, तो सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले मूक पशुओं को समय पर जीवनरक्षा मिल सकेगी। अनुराग दुबे का यह प्रयास समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश बनकर सामने आया है।
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