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एमसीबी–कोरिया में अवैध रेत खनन की खतरनाक हकीकत: हादसे से सबक, लेकिन माफिया बेखौफ


कोरिया/एमसीबी। जिले के भरतपुर तहसील अंतर्गत जनकपुर थाना क्षेत्र के ग्राम हरचोका में रेत खदान के लिए बनाई जा रही कच्ची सड़क पर हुए दर्दनाक हादसे ने प्रशासन और पुलिस व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में खबर के प्रमुखता से सामने आने के बाद पुलिस ने पोकलेन मशीन चालक के खिलाफ लापरवाही से मौत का अपराध दर्ज किया है। यह कार्रवाई न सिर्फ पीड़ित परिवार के लिए न्याय की उम्मीद बनी, बल्कि अवैध रेत खनन से जुड़े खतरों को भी उजागर कर गई। घटना 30 जनवरी की शाम की है, जब किसान सतेन्द्र पाण्डेय ट्रैक्टर-ट्रॉली से मुरुम ढुलाई कर रहा था। मवई नदी के किनारे ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। ट्रॉली को सीधा कराने के लिए मौके पर पोकलेन मशीन बुलाई गई, लेकिन चालक महेन्द्र पटेल द्वारा मशीन को लापरवाहीपूर्वक चलाने के कारण ट्रॉली सीधे सतेन्द्र पाण्डेय के ऊपर पलट गई। गंभीर रूप से घायल सतेन्द्र को पहले हरचोका और फिर जनकपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रारंभ में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी, लेकिन गवाहों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि हादसा मानवीय लापरवाही का परिणाम था। इसके बाद पोकलेन चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) के तहत एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस का कहना है कि विवेचना जारी है और ठेकेदार सहित अन्य जिम्मेदार पक्षों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। इधर, कोरिया जिले का हाल भी इससे अलग नहीं है। भले ही यहां अब तक किसी की मौत नहीं हुई हो, लेकिन अवैध रेत खनन और उससे जुड़ी वसूली का खेल खुलेआम जारी है। सरगुजा जिले के अंबिकापुर से फरार एक युवक कोरिया जिले के कटगोडी और सोनहत क्षेत्र में सक्रिय बताया जा रहा है। आरोप है कि अवैध रेत खदानों से निकलने वाली रेत से प्रति टिपर 180 फीट पर एक हजार रुपये और ट्रैक्टर से 120 फीट पर 500 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, एक युवक को बाकायदा बैठाकर रखा गया है, जो रेत से लदे ट्रैक्टरों और ट्रकों की फोटो खींचता है। इन्हीं तस्वीरों के आधार पर बाद में वाहनों से “हफ्ता” वसूला जाता है। पहले यह वसूली पर्ची के जरिए होती थी, लेकिन खबरें सामने आने के बाद कटगोडी पेट्रोल पंप क्षेत्र में पर्ची और फोन के माध्यम से होने वाली अवैध वसूली बंद कर दी गई। अब रेत माफिया के गुर्गे फोटो खींचकर चुपचाप हफ्ता वसूली का नया तरीका अपना रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन गतिविधियों को कथित तौर पर जिले के खनिज विभाग का संरक्षण भी मिल रहा है। आरोप है कि खाली वाहनों को भी सरगुजा जिले से तड़ीपार युवक के साथ पकड़कर कार्रवाई की गई, जिससे संदेह और गहरा गया है। सवाल यह है कि जब हादसे जानलेवा साबित हो रहे हैं और अवैध वसूली खुलेआम चल रही है, तो जिम्मेदार विभाग कब तक आंखें मूंदे रहेंगे। प्रशासनिक सख्ती और पारदर्शी कार्रवाई ही ऐसे खतरनाक खेल पर लगाम लगा सकती है।

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