कोरिया। कोरिया जिले के रनई गांव में 15 वर्षीय नाबालिग की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा और सनसनीखेज खुलासा किया है। यह घटना दोस्ती, शराब और गुस्से के खतरनाक मेल का नतीजा साबित हुई, जिसमें जन्मदिन की खुशी कुछ ही घंटों में मातम में बदल गई। पुलिस जांच में सामने आया है कि बर्थडे बॉय ने ही आरोपी के पिता को उसकी लोकेशन बता दी थी, जिससे नाराज होकर आरोपी ने साजिशन मृतक को वाहन से कुचल दिया। घटना 4 जनवरी 2026 की रात करीब 8 से 9:30 बजे के बीच की बताई जा रही है। मृतक पिता श्यामलाल, पोडी गांव का निवासी था। अपने जन्मदिन के अवसर पर वह दोस्तों के साथ बैकुण्ठपुर के झुमका डेम घूमने गया था। वहां सभी दोस्तों ने मिलकर पार्टी की, इस दौरान शराब पीने की भी बात सामने आई है, जो कि नाबालिगों के मामले में गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। पुलिस के अनुसार, झुमका डेम से लौटते समय सभी दोस्त पटना क्षेत्र पहुंचे, जहां मुख्य आरोपी विद्याचंद्र साहू ने दोबारा शराब खरीदी और सेवन किया। इसी दौरान रितेश ने आरोपी का मोबाइल फोन उठाकर उसके पिता को कॉल कर दिया और यह जानकारी दे दी कि वह पटना क्षेत्र में मौजूद है। यह बात आरोपी को नागवार गुजरी और इसी मुद्दे को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। विवाद के बाद रितेश पैदल ही अपने घर की ओर निकल पड़ा। आरोप है कि इसी दौरान आरोपी विद्याचंद्र साहू ने गुस्से और बदले की भावना में जानबूझकर अपने सूमो वाहन को बाईं ओर मोड़ते हुए रितेश को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रितेश गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि आरोपी वाहन लेकर मौके से आगे बढ़ गया। घटना के बाद अन्य दोस्तों ने घायल रितेश को अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हैरानी की बात यह है कि चारों दोस्त अस्पताल में शव छोड़कर फरार हो गए, जिससे मामले ने और भी संदेहजनक रूप ले लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ राजेश साहू के नेतृत्व में पुलिस ने सघन पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान आरोपियों के बयान आपस में विरोधाभासी पाए गए, जिसके बाद सख्ती से पूछने पर पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ। पुलिस ने इस मामले में एसटी-एससी एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। मुख्य आरोपी विद्याचंद्र साहू को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वहीं, अन्य फरार दोस्तों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि नाबालिगों में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और अभिभावकीय निगरानी की कमी को भी उजागर करती है। जन्मदिन के जश्न में शुरू हुई यह कहानी आखिरकार एक मासूम की मौत पर खत्म हो गई, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।

0 टिप्पणियाँ