कोरिया। बैकुण्ठपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत तलवापारा में बीते लगभग दो माह से पंचायत कार्यालय में ताला लटका होने के कारण ग्रामीणों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। पंचायत के बंद रहने से ग्रामीणों में आक्रोश और निराशा का माहौल है। रोजमर्रा के जरूरी कार्यों के लिए ग्रामीणों को भटकना पड़ रहा है, लेकिन उनकी सुनवाई करने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी पंचायत में मौजूद नहीं है।
ग्रामीण दीपक कुमार साहु ने बताया कि ग्राम पंचायत में सरपंच और सचिव के बीच लंबे समय से आपसी मतभेद चल रहे हैं। इसी विवाद के कारण पंचायत सचिव द्वारा पदभार ग्रहण नहीं किया जा रहा है, जिससे समस्त प्रशासनिक कार्य ठप पड़े हुए हैं। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, प्रधानमंत्री आवास योजना, पेंशन, राशन कार्ड सुधार जैसे आवश्यक कार्य पूरी तरह से बाधित हैं। सूत्रों की मानें तो जिन ग्राम सचिव का स्थानांतरण किया गया है, वे भी तलवापारा में ही बने रहने के लिए विभिन्न स्तरों पर “जुगाड़” लगाने में जुटे हुए हैं। इस असमंजस की स्थिति का सीधा असर आम ग्रामीणों पर पड़ रहा है। पंचायत कार्यालय बंद होने से न तो आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं और न ही लंबित प्रकरणों का निराकरण हो पा रहा है। वहीं इस संबंध में उप सरपंच पति ने कहा कि पंचायत के बंद रहने से ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिससे लोग बेहद परेशान हैं। कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि शीघ्र पंचायत में सचिव की नियमित पदस्थापना कर पंचायत को सुचारू रूप से संचालित कराया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही पंचायत कार्यालय नहीं खुला और व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की गईं, तो वे मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेते हैं और ग्रामीणों को राहत दिलाते।


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