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विज्ञान की उड़ान: राष्ट्रीय आविष्कार अभियान ने कोरिया के होनहारों को दिए सपनों के पंख


कोरिया। जब अवसर मिलता है, तो प्रतिभा अपनी पहचान स्वयं गढ़ती है—इस कथन को चरितार्थ करता हुआ राष्ट्रीय आविष्कार अभियान कोरिया जिले के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा और अनुभव से भरा एक यादगार अध्याय बनकर उभरा। राज्य परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा रायपुर द्वारा संचालित इस अभियान के अंतर्गत कलेक्टर कोरिया के मार्गदर्शन में विज्ञान विषय में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्राइमरी एवं सेकेंडरी स्तर के 100 प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं का संभाग स्तरीय शैक्षणिक भ्रमण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस शैक्षणिक यात्रा की शुरुआत आकाशवाणी केंद्र, अंबिकापुर से हुई, जहाँ विद्यार्थियों ने रेडियो प्रसारण की तकनीकी दुनिया को बेहद करीब से देखा। माइक्रोफोन, रिकॉर्डिंग स्टूडियो और प्रसारण कक्ष में पहुँचकर बच्चों ने जाना कि किस प्रकार शब्द तरंगों में बदलकर समाज के हर वर्ग तक पहुँचते हैं। गीत रिकॉर्डिंग और कार्यक्रम प्रसारण की प्रक्रिया ने विद्यार्थियों में संचार विज्ञान के प्रति नई जिज्ञासा और आत्मविश्वास का संचार किया। कई बच्चों ने पहली बार रेडियो के पर्दे के पीछे की दुनिया को देखा, जिससे उनके चेहरों पर कौतूहल और उत्साह स्पष्ट झलक रहा था। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने कृषि विज्ञान केंद्र, अंबिकापुर का भ्रमण किया। यहाँ आधुनिक कृषि पद्धतियों, पशुपालन, मछली पालन, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन एवं बागवानी से जुड़ी वैज्ञानिक तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने सरल भाषा में समझाया कि विज्ञान केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि खेतों, प्रयोगशालाओं और दैनिक जीवन के हर क्षेत्र में उसकी उपयोगिता है। बच्चों ने प्रत्यक्ष प्रयोगों और मॉडल्स के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को भी समझा। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और प्रयोगशीलता को प्रोत्साहित करना रहा। इस यात्रा ने न केवल ज्ञानवर्धन किया, बल्कि बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानने और भविष्य के सपनों को दिशा देने का कार्य भी किया। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार राय ने कहा, “ऐसे शैक्षणिक भ्रमण बच्चों की सोच को व्यापक बनाते हैं। जब विद्यार्थी विज्ञान को व्यवहार में देखते हैं, तो उनमें सीखने की जिज्ञासा और लक्ष्य के प्रति स्पष्टता पैदा होती है। यही जिज्ञासा आगे चलकर उन्हें सफलता की ऊँचाइयों तक ले जाती है।” वहीं सहायक संचालक, शिक्षा विभाग जितेन्द्र गुप्ता ने कहा, “राष्ट्रीय आविष्कार अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रयोग आधारित शिक्षा से जोड़ना है। इस तरह के कार्यक्रम बच्चों में नवाचार, आत्मनिर्भरता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करते हैं, जो भविष्य के भारत के निर्माण में सहायक होंगे।” इस दौरान जिला मिशन समन्वयक संजय सिंह एवं जिला नोडल अधिकारी धर्मेंद्र कुमार सिंह ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया और ऐसे अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

प्रेरक संदेश- “सीखने की जिज्ञासा ही सफलता की पहली सीढ़ी है; जो सीखना जान लेता है, वही आगे बढ़ता है।”

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