बैकुण्ठपुर। नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत प्रेमाबाग वार्ड में चल रहे कुआं मरम्मत कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। कागजों में जहां कुआं के मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कार्य को शासन की मंशा के अनुरूप गुणवत्तायुक्त बताया जा रहा है, वहीं जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार प्रेमाबाग में जिस कुएं का मरम्मत कार्य किया जा रहा है, उसमें पुराने कुएं से निकली ईंटों को ही दोबारा जोड़कर काम पूरा किया जा रहा है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कुआं मरम्मत के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है। पुराने और कमजोर ईंटों को साफ कर पुनः उपयोग में लाया जा रहा है, जबकि नियमों के अनुसार मरम्मत कार्य में नई और मानक गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया जाना चाहिए। इससे न केवल कुएं की मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं, बल्कि भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। गौरतलब है कि इसी नगर पालिका क्षेत्र के हाई स्कूल परिसर में भी कुएं का मरम्मत कार्य चल रहा है। वहां प्रारंभ में गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आई थीं, लेकिन शिकायत के बाद संबंधित अधिकारियों ने संज्ञान लिया और अब वहां नया ईंट, सीमेंट व अन्य सामग्री का उपयोग कर गुणवत्तायुक्त कार्य कराया जा रहा है। हाई स्कूल के अंदर हो रहे कार्य और प्रेमाबाग में चल रहे कुएं के मरम्मत कार्य की तुलना करें तो दोहरी कार्यप्रणाली साफ नजर आती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रेमाबाग में अधिकारियों की लापरवाही और ठेकेदार की मनमानी के चलते गुणवत्ता से खुला समझौता किया जा रहा है। नगर पालिका क्षेत्र में एक ही तरह के कार्य में अलग-अलग मापदंड अपनाया जाना कई सवाल खड़े करता है। यदि हाई स्कूल परिसर में शिकायत के बाद सुधार संभव है, तो प्रेमाबाग के कुएं में भी वही मानक क्यों नहीं अपनाए जा रहे?
नागरिकों ने मांग की है कि प्रेमाबाग में चल रहे कुआं मरम्मत कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए और घटिया सामग्री के उपयोग पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही दोषी ठेकेदार एवं जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में नगर पालिका क्षेत्र में होने वाले विकास कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।

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