कोरिया। जिले में धान खरीदी शुरू होते ही समस्याओं का सामना करने वाले किसानों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बैकुंठपुर मुख्यालय से महज़ 100 मीटर की दूरी पर स्थित छिंददांड धान खरीदी केंद्र में टोकन संकट गंभीर रूप ले चुका है। किसानों को कई दिनों से टोकन नहीं मिल रहा, जिसके कारण वे रोज़ केंद्र का चक्कर लगाने को मजबूर हैं। किसानों के अनुसार, केंद्र में हर बार एक ही जवाब दिया जा रहा है कि “सर्वर की समस्या के चलते टोकन नहीं कट पा रहा है।” इससे किसानों में भारी नाराज़गी देखी जा रही है। निर्धारित खरीदी तारीख निकल जाने की आशंका के चलते कई किसान सुबह से शाम तक केंद्र में बैठे रहते हैं, फिर भी समाधान नहीं मिल पा रहा है। किसानों का कहना है कि शासन–प्रशासन धान खरीदी को सुचारू और पारदर्शी बताने के बड़े दावे तो करता है, लेकिन धरातल पर वास्तविकता बिल्कुल विपरीत है। कलेक्टर कार्यालय के बिलकुल पास स्थित केंद्र में ही ऐसी अव्यवस्था हो तो दूरस्थ ग्रामीण इलाकों के खरीदी केंद्रों का हाल सहज ही समझा जा सकता है। स्थानीय किसानों ने बताया कि टोकन न मिलने से उनकी पूरी खरीदी प्रक्रिया ठप हो गई है। खेतों और घरों में रखा धान खराब होने का भी खतरा बढ़ रहा है, वहीं कई किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर पड़ रही है। केंद्र में कर्मचारियों की कमी और तकनीकी खामियों को भी परेशानी का बड़ा कारण बताया जा रहा है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि सर्वर समस्या का तत्काल समाधान किया जाए, अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की जाए और टोकन वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए। यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो किसान आंदोलन का भी मन बना रहे हैं। छिंददांड केंद्र की स्थिति बताती है कि जिले में खरीदी व्यवस्था को दुरुस्त करने की अभी भी बड़ी आवश्यकता है।

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