कोरिया। चिरगुड़ा के शासकीय उचित मूल्य दुकानों में भारी अनियमितताओं का मामला फिर सामने आया है। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों दुकानों में नमक के पैकेट खुले में फेंके जा रहे हैं, जिससे मवेशी पैकेट फाड़कर नमक खा रहे हैं और दुकान परिसर के सामने नमक बिखरा पड़ा है। यह स्थिति एक-दो दिन की नहीं बल्कि लंबे समय से जारी है, जिसकी शिकायत ग्रामीण लगातार करते आ रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि चावल निशुल्क दिया जाता है, लेकिन चीनी के लिए 20 रुपये वसूले जा रहे हैं, जबकि जिले की अन्य उचित मूल्य दुकानों में चीनी 17 रुपये में दी जा रही है। इससे ग्रामीणों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। वहीं आरोप है कि दुकान संचालक अपने गांव के लोगों को कम और दूसरे गांव के लोगों को पहले चावल वितरित कर देते हैं,
जिससे कई बार ग्राम पंचायत के पात्र हितग्राहियों को पूरे महीने राशन नहीं मिल पाता। तेंदुआ में भी इसी तरह की गड़बड़ियां सामने आने पर कार्रवाई की गई थी, लेकिन शिकायतें हैं कि दोनों दुकानों के संचालक कलेक्टर कोरिया द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं। खुले में खाद्यान्न फेंकना, अवैध वसूली और मनमानी वितरण सार्वजनिक वितरण प्रणाली की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि दोनों दुकानों की जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सही पात्रों तक पहुंच सके और ऐसी लापरवाहियां दोबारा न हों।


0 टिप्पणियाँ