कोरिया। कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी जी के निर्देशानुसार एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर प्रशांत सिंह के द्वारा कोरिया वासियों से अपील करते हुए कहा ठंड व शीत लहर से कैसे स्वयं को आप बचा सकते है राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं भारत मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा अलर्ट जारी किया गया है, कि कई प्रदेशों में शीत लहर व भारी ठंड पड़ने की सूचना दी गई है जिससे जन-धन हानि की संभावना है अतः कोरिया जिला एवं विकासखंड में शीत लहर एवं भारी ठंड से बचाव व जन - समुदाय को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं। शीत लहर व ठंड से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियों हेतु सुझाव एवं दिशा - निर्देश जारी कर जिला व विकासखण्डों के चिकित्सा टीम को अलर्ट रहने एवं आपदा प्रबंधन में आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था हेतु निर्देश दिया है। ठंड व शीत लहर प्रबंधन हेतु विभिन्न बातों को ध्यान में रखा जाय, ताकि ठंड व शीत लहर की आपदा के समय होने वाली बीमारियों एवं प्राकृतिक विपदा से जन-समुदाय को सुरिक्षत रख सके ।
जन - सामान्य के लिए सलाह
स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के लिए रेडियो, टीवी एवं समाचार पत्र जैसे सभी मीडिया द्वारा दी जा रही जानकारी का अनुसरण करें। साथ ही पर्याप्त मात्रा में गर्म कपडे पहने, आपातकालीन समय के लिए आवश्यक खाद्य पदार्थ, पानी, ईंधन, बैटरी चार्ज, इमरजेंसी लाईट एवं आवश्यक दवाईयां, नियिमत रूप से गर्म पानी पीते रहें, शीत लहर के समय विभिन्न प्रकार की बीमारियों की संभावना अधिक बढ जाती है। जैसे - फ्लू लगना, सर्दी - खांसी एवं जुकाम आदि के लक्षण हो जाने पर स्थानीय कार्यकर्ताओं या चिकत्सक से संपर्क करें। अल्प तापवस्था के लक्षण जैसे सामान्य से कम शरीर का तापमान, न रूकने वाली कपकपी , याददाशत चले जाना, बेहोशी या लड़खड़ाना आदि प्रकट होने पर उचित इलाज के लिए निकटतम स्वास्थ्य केन्द्रों से सम्पर्क करें, समस्त मितानिनों/आशाओं से शीतलहर से बचने के उपायों से अवगत करावे तथा उनके द्वारा जन-सामान्य में इसका प्रचार-प्रसार करें।
शीत लहर के समय क्या करे
पर्याप्त मात्रा में गर्म कपड़ों जैसे- दस्ताने, टोपी, मफलर एवं जुते आदि पहनें। शीत लहर के समय चुस्त कपड़े ना पहनें यह रक्त संचार को कम करते हैं इसलिए हल्के ढीले-ढाले एवं सूती कपडे बाहर की तरफ ऊनी कपड़े अंदर की तरफ पहनें। शीत लहर के समय जितना संभव हो सके घर के अंदर ही रहें और कोशिश करें कि अति आवश्यक हो तो बाहर यात्रा करें। कोविड-19 एवं श्वसन संक्रमण से बचने के लिए बाहर जाने पर अनिवार्य रूप से मास्क अवश्य पहनें। पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्वों से युक्त भोजन ग्रहण करें एवं शरीर की प्रतिरक्षा बनाए रखने के लिए विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खाने एवं नियिमत रूप से गर्म तरल पदार्थ अवश्य पीयें। अत्यधिक ठंड के समय दीर्घकालीन बीमारियों जैसे डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, श्वास संबंधी बीमारियों वाले मरीज, वृद्ध पुरुष/महिलाएं जिनकी आयु 64 वर्ष से अधिक, 06 वर्ष से कम आयु के बच्चे, गर्भवती महिलाएं आदि को ऐसी स्थिति में देखभाल करें। अधिक ठंड पड़ने पर पर्याप्त वेंटिलेशन होने पर ही रूम हीटर का उपयोग सावधानी एवं सतर्कता के साथ करें एवं बंद कमरे गर्म करने के लिए कोयले का उपयोग न करें क्योंकि यह कोयला जलने पर कार्बन- मोनोऑक्साइड उत्पन्न होती है जो हमारे स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है जिससे किसी की भी मृत्यु हो सकती है। पालतू जानवरों को घर के अंदर ही रखें। अत्यधिक ठंड से प्रभावित शरीर के हिस्से पर मालिश ना करें इससे अधिक नुकसान पड़ सकता है। शीतलहर से अधिक ठंड के लंबे समय तक संपर्क में रहने से त्वचा कठोर एवं सुन कर सकती है। शरीर के अंगों जैसे - हाथ/ पैर की उंगलियों, नाक एवं कान में लाल फफोले हो जाते हैं। शरीर के भाग के मृत हो जाने पर त्वचा का लाल रंग बदलकर काला हो सकता है। यह बहुत खतरनाक और ग़ैंग्रीन रोग कहा जाता है। इसके लिए तत्काल चिकित्सक से परामर्श लें। शीत लहर के संपर्क में आने से फ्रोस्टबाइट एवं हाइपोथर्मिया बीमारी हो सकती है, शरीर के अंगों जैसे हाथ- पैर की उंगलियां सुन हो जाना, नाक एवं कान की त्वचा का रंग सफेद एवं पीला हो जाना आदि लक्षण पाए जाने पर तत्काल चिकित्सक से परामर्श लें। हाइपोथर्मिया होने पर शरीर के तापमान में कमी आ सकती है, जिसके कारण बोलने में कठिनाई, नींद ना आना, मांसपेशियों का सुचारू रूप से कार्य न करना, सांस लेने में कठिनाई आदि लक्षण पाए जाने पर तत्काल चिकित्सक से परामर्श लें। शीतलहर से संबंधित प्राथमिक उपचार हेतु नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क किया जा सकता है।

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