कोरिया। स्थानीय पुलिस लाइन परिसर में पिछले दो दिनों से एक गौ माता अपने नवजात बछड़े के साथ भटकती नजर आ रही है। यह दृश्य देखने वालों का दिल पसीज जाता है, क्योंकि मां और बछड़ा धूप, भूख और प्यास से बेहाल होकर जगह-जगह आश्रय की तलाश में घूम रहे हैं। पुलिस लाइन जैसे सुरक्षित परिसर में भी इन बेबस जीवों की हालत चिंताजनक है, लेकिन अब तक किसी ने भी इनके लिए ठोस कदम नहीं उठाया है।
सूत्रों के अनुसार, परिसर में रह रहे पुलिसकर्मियों और आसपास के लोगों ने इस दृश्य को देखकर गौसेवकों और सामाजिक संगठनों को जानकारी दी थी। कई संगठनों को सूचना दिए जाने के बावजूद अब तक कोई भी इनकी देखरेख के लिए नहीं पहुंचा। इस बीच, गौसेवक अनुराग दुबे को भी इस बारे में अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि वे फिलहाल शहर से बाहर हैं, लेकिन बैकुंठपुर लौटते ही गौ माता और उसके नवजात बछड़े के लिए उचित व्यवस्था कराई जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के मामलों में नगर पालिका और पशु चिकित्सा विभाग को तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए। नवजात बछड़ा बहुत छोटा है और उसे विशेष देखभाल की आवश्यकता है। लगातार खुली सड़क पर भटकने से उनके साथ किसी दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। गौरतलब है कि बैकुंठपुर क्षेत्र में आवारा गौवंश की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। कई बार प्रशासन और सामाजिक संगठनों को इस दिशा में पहल करने की मांग उठी है, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है। फिलहाल पुलिस लाइन में यह गौ माता और उसका बछड़ा लोगों की दया पर निर्भर हैं। आमजन और गौप्रेमियों ने अपील की है कि प्रशासन शीघ्र इस दिशा में कदम उठाए, ताकि मां-बछड़े को सुरक्षित आश्रय और भोजन मिल सके।


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