मनेन्द्रगढ़। कांग्रेस इन दिनों अपने जिलाध्यक्ष के चयन को लेकर “संगठन सृजन अभियान” चला रही है। इस अभियान के तहत पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं ऑब्जर्वर सुबोध कांत सहाय इन दिनों कोरिया और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिलों के दौरे पर हैं। जहां कोरिया जिले में यह प्रक्रिया शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न हो गई, वहीं एमसीबी जिले के खड़गवां में शुक्रवार को भारी हंगामा देखने को मिला। जानकारी के अनुसार, ऑब्जर्वर सुबोध कांत सहाय और उनकी टीम जब खड़गवां विकासखंड पहुंचे तो अशोक श्रीवास्तव के समर्थकों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। “अशोक श्रीवास्तव जिंदाबाद” के नारों से सभा स्थल गूंज उठा, जबकि अभियान के नियमों के तहत किसी भी नेता विशेष के पक्ष में नारेबाजी या शक्ति प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी। ऑब्जर्वर की टीम में शामिल राज आहूजा ने माइक से कई बार कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की कि यह “संगठन सृजन अभियान” के नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि “जिलाध्यक्ष का चयन कांग्रेस कार्यकर्ताओं से वन-टू-वन रायशुमारी के बाद रिपोर्ट के आधार पर राहुल गांधी करेंगे।” बावजूद इसके, हंगामा बढ़ता ही गया और माहौल पूरी तरह गर्म हो गया। बताया जा रहा है कि मनेन्द्रगढ़ और चिरमिरी ब्लॉक में डमरू रेड्डी का पक्ष मजबूत दिखने के बाद अशोक श्रीवास्तव के समर्थकों ने खड़गवां में शक्ति प्रदर्शन करते हुए ऑब्जर्वर पर दबाव बनाने की कोशिश की। कांग्रेस के इस अभियान में अनुशासनहीनता और नारेबाजी के कारण पूरे कार्यक्रम की गरिमा भंग हो गई। अब राजनीतिक हलकों में यह चर्चा जोरों पर है कि इस घटनाक्रम पर भारतीय जनता पार्टी किस तरह की प्रतिक्रिया व्यक्त करेगी। कांग्रेस के “संगठन सृजन अभियान” की ऐसी तस्वीर ने न केवल पार्टी नेतृत्व को असहज कर दिया है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि क्या कांग्रेस अपने ही बनाए अनुशासन नियमों का पालन करा पाएगी?

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