बैकुंठपुर। न्यू लाइफ हेल्थ एंड एजुकेशन सोसायटी द्वारा संचालित न्यू लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम संस्था प्रबंधन के निर्देश एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान छठवें सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं ने मानसिक स्वास्थ्य विषय पर एक प्रेरणादायक अंगविक्षेप नृत्य (माइम डांस) प्रस्तुत कर सभी को भावविभोर कर दिया। वहीं, अम्बिकापुर के राजमोहिनी देवी कृषि एवं शोध महाविद्यालय, अजिरमा में आयोजित द्वितीय राज्य स्तरीय सम्मेलन में न्यू लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग के छठवें और सातवें सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं सहित शिक्षिका ट्यूटर सुधालता यादव एवं रजनी शर्मा ने सहभागिता की।
इस वर्ष विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस की थीम रही — “एक्सेस टू सर्विसेज़: मेंटल हेल्थ इन कैटास्ट्रॉफ्स एंड इमरजेंसीज़” यानी “आपदाओं और आपात स्थितियों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच”। यह थीम संकट की परिस्थितियों में भी मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने पर केंद्रित रही, ताकि इससे व्यक्तियों के साथ-साथ समुदायों और संस्थानों को भी लाभ मिल सके। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डाॅ. प्रिंस जायसवाल ने मानसिक स्वास्थ्य दिवस के महत्व और उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन का उद्देश्य लोगों में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाना और मानसिक रोगों से बचाव के उपायों को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कार्यशाला में उपस्थित छात्र-छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए — जैसे खुलकर बातें करना, मन की बातों को साझा करना, तनाव को नियंत्रित रखना, ध्यान केंद्रित करना, नशे से दूर रहना और संतुलित आहार लेना। न्यू लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग की प्राचार्या डाॅ. अंजना सैम्यूल ने बच्चों को मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाने की प्रेरणा दी और जीवन को उत्साह और उल्लास के साथ जीने की सलाह दी। कार्यशाला का संचालन स्वयं प्राचार्या डाॅ. अंजना सैम्यूल द्वारा किया गया।


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