बैकुण्ठपुर। जमनीपारा से खरवत जाने के लिए रेलवे द्वारा हाल ही में बनाई गई सड़क अब भ्रष्टाचार और लापरवाही की मिसाल बनती नजर आ रही है। कुछ ही महीने पहले तैयार हुई इस सड़क में दर्जनों स्थानों पर दरारें (क्रेक) उभर आई हैं। हालात इतने खराब हैं कि इन दरारों को छुपाने के लिए ऊपर से प्लास्टर कर दिया गया है, जिससे असली स्थिति पर पर्दा डालने की कोशिश साफ दिखाई देती है। रेलवे को आमतौर पर उच्च गुणवत्ता वाले निर्माण कार्यों के लिए जाना जाता है। वर्षों से यह धारणा रही है कि रेलवे द्वारा कराए गए निर्माण कार्य टिकाऊ और मानकों के अनुरूप होते हैं। लेकिन जमनीपारा से खरवत मार्ग पर बनी इस सड़क ने रेलवे की इसी छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रेलवे स्टेशन के पीछे बनी इस सड़क की हालत देखकर स्थानीय लोग हैरान हैं और चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर इतनी जल्दी सड़क कैसे जवाब दे गई। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क निर्माण के समय घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है और गुणवत्ता जांच सिर्फ कागजों तक सीमित रही। कुछ लोगों का आरोप है कि निर्माण के दौरान मानकों की अनदेखी की गई, जिसका नतीजा अब दरारों के रूप में सामने आ रहा है। प्लास्टर कर दरारें छुपाने का प्रयास इस बात की ओर इशारा करता है कि जिम्मेदार विभाग अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय उसे ढंकने में जुटा है। इस सड़क से रोजाना बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। यदि समय रहते इसकी मरम्मत और निष्पक्ष जांच नहीं की गई तो भविष्य में बड़ा हादसा भी हो सकता है। लोगों ने मांग की है कि पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए और दोषी ठेकेदार व अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। रेलवे जैसे प्रतिष्ठित विभाग से जनता को बेहतर और सुरक्षित निर्माण की उम्मीद रहती है। लेकिन इस सड़क की हालत ने यह साबित कर दिया है कि जमीनी हकीकत अक्सर दावों से अलग होती है। अब देखना होगा कि रेलवे प्रशासन इस मामले में क्या ठोस कदम उठाता है।


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