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भूमाफियाओं का बढ़ता आतंक, न्यायालय के आदेश भी बेअसर

 


कोरिया। शहर में भूमाफियाओं का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि अब न्यायालय की कार्यवाही और प्रशासनिक आदेश भी उनके सामने बेअसर नजर आ रहे हैं। तहसील, एसडीएम कार्यालय एवं न्यायालयीन अभिलेखों से यह स्पष्ट हो चुका है कि रामपुर स्थित भूमि संबंधित भूमि स्वामी की वैध संपत्ति है, इसके बावजूद अवैध कब्जाधारी उसे खाली करने को तैयार नहीं हैं। हैरानी की बात यह है कि लगातार निर्देश और आदेशों के बाद भी कब्जा जस का तस बना हुआ है। केवल रामपुर ही नहीं, बल्कि चेर, चेरवापारा और मनसुख क्षेत्र सहित शहर के शासकीय भूमियों पर भी अवैध कब्जे किए जाने के मामले सामने आ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि भूमाफिया खुलेआम सरकारी जमीनों पर निर्माण कर रहे हैं और शिकायतों के बावजूद प्रभावशाली लोगों के दबाव में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही है। मामला यहीं तक सीमित नहीं है। सुत्रों की माने तो एक समाज सेवा संगठन के एकमात्र अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उन्होंने जिला चिकित्सालय का ऑक्सीजन सिलेंडर अपने घर तक ले जाकर उपयोग किया और कार्य पूर्ण होने के बाद उसे वापस तक नहीं किया। यह घटना न केवल सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग को दर्शाती है, बल्कि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के साथ खिलवाड़ का भी गंभीर उदाहरण है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भूमाफिया न केवल दूसरों की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं, बल्कि अपने लोगों की भूमि तक छोड़ने को तैयार नहीं हैं। इससे आम नागरिकों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। अब सवाल यह उठता है कि आखिर ऐसे लोगों पर अब तक कठोर कार्रवाई क्यों नहीं हो पाई। नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ऐसे भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, अवैध कब्जे तत्काल हटाए जाएं और शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग करने वालों को दंडित किया जाए, ताकि कानून का भय स्थापित हो और आम जनता को न्याय मिल सके।

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