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जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट में हुई थी चोरी, व्यवस्थाओं पर सवाल


बैकुण्ठपुर। जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट से जुड़े कई गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आ रहे हैं, जिससे अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। सूत्रों के अनुसार, ऑक्सीजन प्लांट में तैनात कर्मचारी से फ्लैक्स बैनर बनाने, टेंट लगवाने और अन्य सजावटी कार्य कराए जा रहे हैं, जो उसके कर्तव्यों के दायरे से बिल्कुल बाहर है। इससे स्पष्ट होता है कि अस्पताल प्रबंधन अनधिकृत तरीकों से कर्मचारी का दुरुपयोग कर रहा है। जानकारी के अनुसार ऑक्सीजन सिलेंडर लेने पर निर्धारित राशि 2000 रुपये है, लेकिन मरीजों को 2500 रुपये तक भुगतान करना पड़ रहा है। अतिरिक्त 500 रुपये किसके कहने पर लिए जा रहे हैं, यह बड़ा सवाल है। अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थान में मरीजों से अधिक पैसा वसूलना गंभीर अनियमितता के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं के साथ खिलवाड़ भी है। इसी तरह, डीजल की पर्चियों में भी लगातार बढ़ती हुई मात्रा का उल्लेख किया जा रहा है। बताया जाता है कि वास्तविक खपत की तुलना में बिल अधिक लगाया जा रहा है, जिससे भ्रष्टाचार की आशंका और गहराती जा रही है। अस्पताल में पहले भी डीएमएफ मद से बने ऑक्सीजन प्लांट को लेकर रखरखाव में लापरवाही और उपकरणों की चोरी जैसी घटनाएँ सामने आ चुकी हैं, जिससे यह संदेह और मजबूत होता है कि सिस्टम में कहीं न कहीं गड़बड़ी जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर अब कठोर कार्रवाई आवश्यक हो गई है। यदि समय पर जांच नहीं की गई तो मरीजों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता पर गहरा असर पड़ेगा। जिला प्रशासन से मांग की जा रही है कि इन सभी अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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