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कोरिया जिले में ऋण पुस्तिका संकट: किसानों और पटवारियों की बढ़ी परेशानी

 


कोरिया। जिले में इन दिनों ऋण पुस्तिका (किसान किताब) की अनुपलब्धता ने किसानों और आमजनों की परेशानी बढ़ा दी है। विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जिले के भू-अभिलेख कार्यालय में ऋण पुस्तिका का स्टॉक समाप्त हो गया है, जिसके कारण किसानों को भूमि से संबंधित आवश्यक कार्यों में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।


जानकारी के अनुसार, किसान किताब के अभाव में न केवल ऋण लेने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है बल्कि भूमि रिकॉर्ड से जुड़े कई जरूरी कार्य भी लंबित पड़े हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को बैंकों से फसल ऋण या अन्य सहायता प्राप्त करने के लिए ऋण पुस्तिका की आवश्यकता होती है, लेकिन वर्तमान में पुस्तिका उपलब्ध न होने से किसानों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।


भू-अभिलेख कार्यालय के सूत्रों का कहना है कि कुछ समय पूर्व मात्र एक पेटी किसान किताब आई थी, जो जल्द ही समाप्त हो गई। अब यह स्पष्ट नहीं है कि वह पुस्तिकाएँ कहां गईं और कितनी मात्रा में किसानों को वितरित की गईं। इस स्थिति के कारण पटवारी भी असहज महसूस कर रहे हैं क्योंकि किसानों और आम नागरिकों द्वारा लगातार उन पर दबाव बनाया जा रहा है। पटवारियों का कहना है कि किसान किताब के बिना वे आगे की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं। इससे न तो ऋण प्रमाण पत्र जारी हो पा रहे हैं और न ही जमीन संबंधी अन्य आवश्यक कार्य हो रहे हैं। किसान संगठनों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द ऋण पुस्तिकाएँ उपलब्ध कराई जाएँ ताकि किसानों की परेशानी दूर हो सके। स्थानीय किसानों ने कहा कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से जिला कार्यालय का घेराव करेंगे। वहीं, जिला प्रशासन की ओर से इस मामले में अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। किसान और आमजन उम्मीद कर रहे हैं कि संबंधित विभाग जल्द कार्रवाई कर इस समस्या का समाधान करेगा।

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