कोरिया। बैकुण्ठपुर क्षेत्र में एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। सोमवार की रात्रि ओडगी नाका स्थित पेट्रोल पंप के सामने एक गौवंश सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया। हादसे के बाद घायल गौवंश रातभर बारिश में भीगते हुए सड़क किनारे पड़ा रहा, लेकिन न तो किसी राहगीर ने और न ही आसपास के निवासियों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया। स्थानीय पशुपालकों की लापरवाही साफ नजर आई—दूध निकालने के बाद मवेशियों को यूं ही सड़कों पर छोड़ दिया जाता है, जिससे लगातार हादसे हो रहे हैं। सुबह जब गौ रक्षक अनुराग दुबे ने नगर पालिका की टीम को सूचना दी और मौके पर पहुंचकर स्थिति देखी, तो पाया कि गौवंश अब भी जीवित है और भीगकर कांप रही है।
तत्पश्चात नगर पालिका की मदद से उसे टिपर वाहन में सुरक्षित स्थान पर ले जाकर इलाज दिलाया गया। पशु चिकित्सकों की देखरेख में अब गौवंश सुरक्षित है, हालांकि बारिश में भीगने से उसे तेज बुखार हो गया था। डॉक्टरों के अनुसार दो दिनों में उसकी हालत सामान्य हो जाएगी। यह घटना न केवल पशुपालकों की लापरवाही को उजागर करती है बल्कि समाज में मरती जा रही मानवता पर भी बड़ा सवाल खड़ा करती है। अगर समय रहते कोई नागरिक पहल करता तो उस बेजुबान जानवर को रातभर तड़पना न पड़ता। जरूरत है कि हम सब जागरूक बनें, क्योंकि थोड़ी सी मानवीयता किसी की जान बचा सकती है।


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