रायपुर। सत्ता के नशे और कानून की अनदेखी का एक चौंकाने वाला मामला छत्तीसगढ़ में सामने आया है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के निजी सचिव ने अपनी पत्नी का जन्मदिन बीच सड़क पर धूमधाम से मनाया। सड़क को रोककर कार के बोनट पर केक काटा गया और आतिशबाजी भी की गई। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद न केवल पुलिस हरकत में आई बल्कि अब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भी इस पर कड़ी नाराजगी जताई है।
जानकारी के अनुसार, यह घटना मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की बताई जा रही है, जहां मंत्री के निजी सचिव और उनके समर्थकों ने बीच सड़क पर पार्टी का माहौल बना दिया। चारों ओर गाड़ियों की आवाजाही बाधित हो गई, लोग असुविधा में रहे और आसपास के क्षेत्र में धुआं व शोर फैल गया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सचिव और उनके साथियों ने आतिशबाजी करते हुए सड़क को जश्न का मंच बना दिया था।
घटना वायरल होने के बाद चिरमिरी पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मंत्री के निजी सचिव की पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने कहा है कि सार्वजनिक स्थान पर यातायात बाधित करने और पटाखे फोड़ने के संबंध में कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस पूरे मामले पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को फटकार लगाई है। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि “सड़कें आम जनता के आवागमन के लिए हैं, न कि किसी वीआईपी के निजी उत्सव के लिए।” कोर्ट ने राज्य शासन से पूछा है कि आखिर ऐसे मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की जाती। विपक्षी दलों ने भी इस घटना को सत्ता के दुरुपयोग का प्रतीक बताया है। भाजपा नेताओं ने कहा कि जब आम नागरिकों को सड़क पर हल्की गलती करने पर चालान काटा जाता है, तो सत्ता के करीब बैठे लोगों पर कार्रवाई में देरी क्यों? जनता ने भी सोशल मीडिया पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह “वीआईपी संस्कृति” लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। अब देखना यह होगा कि सरकार और पुलिस इस मामले में कितनी पारदर्शिता और सख्ती दिखाती है, या फिर यह मामला भी सत्ता के प्रभाव में दब जाएगा।



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