कोरिया/सूरजपुर। सरगुजा संभाग में अवैध जुए का जाल दिनों-दिन फैलता जा रहा है। श्रीनगर निवासी शमशेर खान और बैकुंठपुर निवासी मशहूर खान के संरक्षण में यह अवैध जुआ प्रतिदिन श्रीनगर, प्रेमनगर, सूरजपुर और उदयपुर के आसपास के इलाकों में संचालित किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह दोनों आरोपी रोजाना लाखों रुपये के दांव पर “बुक” का खेल चलाते हैं, जिसमें स्थानीय और बाहरी खिलाड़ी भारी रकम लगाते हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शमशेर खान का यह गिरोह अब अंतरराज्यीय रूप ले चुका है। बताया जा रहा है कि सिंगरौली जिले (मध्यप्रदेश) से भी कुछ लोग इस नेटवर्क में शामिल हैं, जिनमें प्रदीप नामक व्यक्ति प्रमुख रूप से सक्रिय बताया जा रहा है। प्रदीप सहित अन्य लोग सिंगरौली से प्रतिदिन श्रीनगर और प्रेमनगर पहुंचकर अवैध ताश बुक लगाने का काम करते हैं। यह लोग जुआ खेलने वालों से मोटी रकम लेकर दांव लगवाते हैं और इसके एवज में कमीशन लेते हैं।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क में रोजाना 20 प्रतिशत तक का कमीशन तय है। यानी जितनी रकम दांव पर लगती है, उसका एक बड़ा हिस्सा इन संचालकों और उनके संपर्कों तक पहुंचता है। यह खेल देर रात तक चलता है, और इसकी जानकारी आसपास के लोगों और पुलिस दोनों को होती है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल मौन सहमति दिखाई जा रही है।
आश्चर्य की बात यह है कि इतने बड़े पैमाने पर जुआ संचालन के बावजूद सूरजपुर और सरगुजा पुलिस ने अब तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की है। सूत्रों के मुताबिक, कुछ पुलिस अधिकारी और कर्मचारी इस खेल में मिलीभगत कर रहे हैं, जिसके कारण किसी भी प्रकार की छापेमारी नहीं हो रही। सूचना मिलते ही पहले से अलर्ट कर दिया जाता है, और आरोपी मौके से भाग निकलते हैं।
स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने इस मामले पर गहरी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि जुए के कारण क्षेत्र में अपराध बढ़ रहा है, युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है और कई परिवार आर्थिक तंगी में फंस रहे हैं। सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है।
गौरतलब है कि शमशेर खान एक “नेशनल लेवल का जुआ खिलाड़ी” बताया जाता है, जिसने इस अवैध कारोबार से करोड़ों की संपत्ति बनाई है। उसके पास कई लग्जरी वाहन, मकान और जमीनें हैं। बावजूद इसके, प्रशासन की चुप्पी इस पूरे मामले को संदिग्ध बना रही है।
जनता का कहना है कि अगर प्रशासन ने अब भी इस नेटवर्क पर कार्रवाई नहीं की, तो यह अवैध जुआ तंत्र आने वाले समय में और भी फैल सकता है। शमशेर खान, मशहूर खान और सिंगरौली से जुड़े प्रदीप छोटे जैसे लोगों का यह गठजोड़ अब सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि एक बड़ा संगठित अपराध नेटवर्क बन चुका है। पुलिस और प्रशासन के लिए यह चुनौती है कि वह इस जुआ नेटवर्क पर रोक लगाए और यह साबित करे कि कानून सबके लिए समान है — चाहे वह आम नागरिक हो या किसी प्रभावशाली व्यक्ति का सहयोगी।

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