चिरमिरी (कोरिया)। जिले के कोयला नगरी चिरमिरी स्थित एसईसीएल (SECL) की ओपनकास्ट खदान में मंगलवार को दोपहर एक भीषण विस्फोट हो गया। इस हादसे में 8 मजदूर घायल हो गए, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और खदान परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मजदूर रोज़ की तरह खदान में काम कर रहे थे, तभी अचानक एक तेज धमाका हुआ। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास की मिट्टी और पत्थर हवा में उछल गए, जिससे कई मजदूर उसकी चपेट में आ गए। धमाके की आवाज़ दूर तक सुनाई दी, जिससे आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। घायलों को तत्काल एसईसीएल अस्पताल एवं अन्य नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है। कुछ मजदूरों को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है। विस्फोट की सूचना मिलते ही एसईसीएल प्रबंधन, पुलिस प्रशासन और स्थानीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया। मौके से मलबा हटाने का कार्य देर शाम तक जारी रहा। प्रारंभिक जांच में संभावना जताई जा रही है कि यह हादसा ब्लास्टिंग के दौरान तकनीकी गड़बड़ी या सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण हुआ है। हालांकि एसईसीएल प्रबंधन ने फिलहाल कुछ भी आधिकारिक तौर पर स्पष्ट नहीं किया है। घटना के बाद खदान मजदूरों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। मजदूर संगठनों ने खदान में सुरक्षा के अभाव पर गंभीर सवाल उठाए हैं और घायल मजदूरों को उचित मुआवजा एवं स्थायी सुरक्षा उपायों की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एसईसीएल की कई खदानों में सुरक्षा मानकों का पालन ठीक से नहीं किया जा रहा है। पहले भी ऐसी घटनाएँ घट चुकी हैं, लेकिन प्रबंधन द्वारा ठोस कदम नहीं उठाए गए। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं, साथ ही जिला प्रशासन ने घायलों के परिजनों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है। खदानों में लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने फिर एक बार कोयला खदानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है। लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर कब तक मजदूरों की जान इस तरह जोखिम में पड़ती रहेगी।

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