कोरिया। जिले में भूमाफियाओं का आतंक किसी से छुपा नहीं है। लगातार सामने आ रहे मामलों से यह स्पष्ट हो रहा है कि किस तरह शासकीय भूमि और निजी जमीनों की हेराफेरी कर आम जनता को गुमराह किया जा रहा है। ताजा मामला जिला मुख्यालय के अंतर्गत ग्राम पंचायत कंचनपुर का है, जहां खसरा नंबर 251 की भूमि को लेकर गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त खसरा नंबर 251 की भूमि के मूल भूमि स्वामी द्वारा पहले ही इस जमीन को बेच दिया गया था। इसके बावजूद नामांतरण की प्रक्रिया पूरी न होने का फायदा उठाकर अब भूमाफिया उसी भूमि को दोबारा बेचने की फिराक में लगे हुए हैं। चूंकि राजस्व रिकॉर्ड में नामांतरण दर्ज नहीं है, इसलिए यह भूमि अभी तक बिक्री योग्य दिखाई नहीं दे रही है, इसी खामी का दुरुपयोग किया जा रहा है। सबसे गंभीर पहलू यह है कि उक्त भूमि का एक हिस्सा शासकीय नहर भूमि में भी शामिल बताया जा रहा है। नियमों के अनुसार शासकीय नहर की भूमि न तो खरीदी-बेची जा सकती है और न ही उस पर किसी प्रकार का निजी स्वामित्व स्थापित किया जा सकता है। इसके बावजूद भूमाफियाओं का इतना दुस्साहस है कि वे इस शासकीय भूमि को भी निजी बताकर बेचने की तैयारी कर चुके हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो भविष्य में बड़े स्तर पर विवाद खड़ा हो सकता है। इससे न केवल शासन की संपत्ति को नुकसान होगा, बल्कि निर्दोष खरीदार भी ठगी का शिकार होंगे। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि भूमाफिया राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर कराने के लिए प्रभावशाली लोगों का सहारा ले रहे हैं। अब सवाल यह उठता है कि राजस्व विभाग और जिला प्रशासन इस पूरे मामले पर कब और क्या कार्रवाई करता है। यदि जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो कोरिया जिले में भूमाफियाओं के हौसले और बुलंद होना तय है। जनता प्रशासन से इस गंभीर मामले में त्वरित जांच और कठोर कदम उठाने की मांग कर रही है।

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